Inter Physics Long Question Answer| Bihar Board 2024

Class 12 physics|long answer questions| Bihar Board 2024

नमस्ते🙏

जय हिंद🇮🇳

बिहार बोर्ड वार्षिक परीक्षा 2024 को मद्देनजर रखते हुए Alok Official आप सब के लिए परीक्षा के आधुनिक पैटर्न पर आधारित सभी संभावित प्रश्न उत्तर लिखित रूप में आप सब को दे रहा है । आप सब हमारे वेबसाइट पर उपलब्ध सभी प्रश्न उत्तर को देख कर परीक्षा में जायें, निश्चित ही काफी फायदा मिलेगा । इस खंड में बारहवीं के भौतिकी का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न का विश्लेषण करेंगें ।

INTER PHYSICS LONG QUESTION-ANSWER BSEB

1• विधुत फ्लक्स को परिभाषित करें साथ
ही गॉस प्रमेय को परिभाषा सहित सत्यापित
करें ?
उत्तर– विधुत फ्लक्स- किसी सतह पर

विधुत फ्लक्स विधुत क्षेत्र की तीव्रता

और क्षेत्रफल सदिश का अदिश गुणनफल

होता है ।

गॉस प्रमेय- किसी बन्द सतह का

कुल विधुत फ्लक्स कुल आवेश और

मुक्त आकाश के परावैधुतांक के भागफल

के बराबर होता है ।

2• व्हीटस्टोन सेतु क्या है उपयोग सहित
वर्णन करें ?
उत्तर– यह एक विधुत परिपथ है जो चार

प्रतिरोध द्वारा आयताकार आकृति में बना

होता है जिसका एक विकर्ण विधुत वाहक

बल से और दूसरा गैल्वेनोमीटर से जुड़ा होता है ।

निम्न आकृति व्हीटस्टोन सेतु है जिसमें

प्रतिरोध P,Q,R,S है, गैल्वेनोमीटर G है ।

नोट- जब व्हीटस्टोन सेतु में कोई विधुत

धारा का प्रवाह नहीं होता है तो उसे सन्तुलित व्हीटस्टोन सेतु कहा जाता है ।

इसका उपयोग निम्नलिखित रूप में होता है

a) प्रतिरोध मापन में- इसमें तीन प्रतिरोध

दिया रहता है जबकि चौथा ज्ञात करना

होता है ।

b) ताप मापन में- इसका उपयोग

विधुतीय थर्मामीटर के निर्माण में होता है ।

c) सेंसर के रूप में- प्रतिरोध आधारित

सेंसर के निर्माण में इसका उपयोग होता

है ।

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3• दृष्टि दोष या नेत्र दोष क्या है ? इसके
प्रकार का वर्णन सहित निवारण का
उपाय बतायें ।
उत्तरजब नेत्र किसी वस्तु को अस्पष्ट या पूर्णतः देखना बन्द कर देता है तो इस परिस्थिति को दृष्टि दोष कहते हैं ।

▪ यह 4 प्रकार का होता है ।

a) निकट दृष्टि दोष/ मायोपिया

वह नेत्र दोष जिसमें व्यक्ति दूर की वस्तु को अस्पष्ट या पूर्णतः नहीं देख पाता है निकट दृष्टि दोष कहा जाता है । इस दोष के निवारण में अवतल लेंस का उपयोग किया जाता है ।

b) दूर दृष्टि दोष

वह दृष्टि दोष जिसमें मनुष्य निकट की वस्तु को अस्पष्ट या पूर्णतः नहीं देख पाता है, दूर दृष्टि दोष कहलाता है ।

इस दोष के निवारण में उत्तल लेंस का उपयोग किया जाता है ।

c) जरा दूरदर्शिता/ जरा दूरदर्शिता

वह दृष्टि दोष जिसमें नेत्र निकट बिन्दु और दूर बिंदु का सामंजन नहीं कर पाता है, जरा दृष्टि दोष कहलाता है । इस दृष्टि दोष के निवारण के लिए द्विफोकसी

(bifocal) लेंस का उपयोग किया जाता है ।

d) अबिंदुकता– इसका निवारण

बेलनाकार लेंस के द्वारा किया जाता है ।

4• बोर के नियम को समझायें ?
उत्तर– प्लांक क्वांटम प्रमेय के आधार पर

बोर ने हाइड्रोजन परमाणु के spectrum

के लिए नया सिद्दांत दिया । जो निम्न

है-

a) परमाणु गोलाकार होता है,जिसके

केन्द्र पर धनावेशित केंद्रक होता है ।

b) इलेक्ट्रान केंद्रक के चारों ओर

गोलाकार पथ में घूमता है, और वह ऊर्जा

उत्सर्जित नहीं करता है ।

c) जब इलेक्ट्रान उच्च कक्षा से निम्न

कक्षा में आता है तो ऊर्जा उत्सर्जित करता

है और यदि निम्न कक्षा से उच्च कक्षा में

जाता है तो ऊर्जा अवशोषित करता है जो

ऊर्जा फोटॉन के रूप में होता है ।

5• विधुत चुम्बकीय तरंग को विशेषता
सहित विस्तार से लिखें ?
उत्तर– वह तरंग जिसके संचरण के लिए

किसी माध्यम का आवश्यकता नहीं होता

है, विधुत चुम्बकीय तरंग कहलाता है ।

जैसे- गामा किरणें, एक्स किरणें, रेडियो

तरंगें ।

इसका कुछ महत्वपूर्ण विशेषता निम्न है-

a) इसमें विधुत क्षेत्र, चुम्बकीय क्षेत्र

और तरंग के प्रवाह की दिशा सभी एक-

दूसरे के लम्बवत होता है ।

b) यह निर्वात में भी संचरण कर सकता

है ।

c) आवृत्ति में अन्तर के कारण विधुत

चुम्बकीय तरंग अलग-अलग प्रकार का

होता है ।

6• निम्नलिखित को परिभाषित करें-
a) जेनर डायोड
b) लाइट एमीटिंग डायोड (LED )
उत्तर

a) जेनर डायोड(zener diode) – यह p-n

सन्धि होता है जो विपरित bias में होता है ।

जेनर डायोड में अचानक विधुत धारा बढ़ता

है जिससे जेनर डायोड में विभव नियत

रहता है । जेनर डायोड का उपयोग का

परिवर्तनशील विभव के लिए नियंत्रक

के रूप में होता है ।

b) लाइट एमीटिंग डायोड (LED )– इसका

पूर्ण रूप light emmiting diode

होता है । यह विधुत ऊर्जा को प्रकाश

ऊर्जा में परिवर्तित करता है । यह सामान्यतः

p-n सन्धि होता है जिसमें गैलियम

आर्सेनाइड या इंडियम फॉस्फइड अर्द्धचालक का इस्तेमाल किया जाता है ।

7) नाभिकीय विखंडन और रेडियोसक्रियता में क्या
अंतर है ?
उत्तर
नाभिकीय विखंडन:

i) इसमें एक भारी केंद्रक दो हल्के केंद्रक में टूटता है ।

ii) इसके लिए सामान्य ताप लगता है ।

iii) इसका प्रयोग नाभिकीय बम्ब बनाने में किया

जाता है ।

रेडियोसक्रियता:

i) इसमें केंद्रक का क्षयन होता है ।

ii) इसमें अल्फा कण निकलता है जिसके कारण

परमाणु संख्या 2 इकाई कम होता और परमाणु

द्रव्यमान 4 इकाई कम होता है ।

iii) इसमें बीटा कण निकलता है जिसके कारण

परमाणु संख्या एक इकाई कम होता है और

परमाणु द्रव्यमान नहीं बदलता है ।

8) आयाम माडूलन एवं आवृत्ति माडूलन का वर्णन करें ।
प्रेषि एंटीना की ऊँचाई के लिए व्यंजक प्राप्त करें ।
उत्तरआयाम माडूलन:

उच्च आवृत्ति के वाहक तरंगों का आयाम ध्वनि सिग्नल

की तीव्रता के साथ परिवर्तित होता है तो इसे आयाम

माडूलन कहा जाता है ।

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